पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बीच प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 1.55 प्रतिशत तक टूट गए। लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,122.66 अंक या 1.40 प्रतिशत गिरकर 79,116.19 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह एक समय 1,795.65 अंक या 2.23 प्रतिशत तक लुढ़ककर 78,443.20 के निचले स्तर पर आ गया था।
हालांकि, सत्र के दूसरे भाग में कुछ नुकसान की भरपाई हुई। इसी तरह, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 385.20 अंक या 1.55 प्रतिशत गिरकर 24,480.50 पर बंद हुआ। यह पिछले छह महीनों का सबसे निचला बंद स्तर है। दिन के दौरान निफ्टी 560.3 अंक या 2.25 प्रतिशत गिरकर 24,305.40 पर आ गया था।
सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील सबसे अधिक 6.76 प्रतिशत टूटा। इसके बाद लार्सन एंड टुब्रो (4.53 प्रतिशत) का स्थान रहा। बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व और कोटक महिंद्रा बैंक में भी उल्लेखनीय गिरावट हुई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयर चढ़े।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ''पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बीच वैश्विक जोखिम धारणा नाजुक बनी हुई है, जिससे तेल की कीमतें अस्थिर रहीं। मुद्रास्फीति के प्रभाव और संभावित उच्च चालू खाता घाटा (सीएडी) के कारण भारतीय शेयरों में कमजोरी रही।'' उन्होंने कहा कि रुपये का निरंतर अवमूल्यन भी एक प्रमुख चिंता बना हुआ है, जबकि बढ़ती विदेशी पूंजी निकासी से बाजार में निकट अवधि में अस्थिरता बढ़ रही है।
बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 2.42 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 2.10 प्रतिशत लुढ़क गया। क्षेत्रवार बात करें तो धातु में चार प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा बीएसई पीएसयू बैंक में 3.50 प्रतिशत, औद्योगिक वस्तुओं में 3.29 प्रतिशत, रियल्टी में 3.16 प्रतिशत, जिंस में 3.12 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 2.64 प्रतिशत, बिजली में 2.59 प्रतिशत, सेवा में 2.25 प्रतिशत और ऊर्जा में 2.23 प्रतिशत की गिरावट हुई।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.08 प्रतिशत उछलकर 83.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट रही। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक 12 प्रतिशत तक टूट गया। जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, यूरोपीय बाजार सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3,295.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 8,593.87 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। होली के मौके पर मंगलवार को बाजार बंद रहे।
पश्चिम एशिया संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,123 अंक टूटा, निफ्टी 1.55% लुढ़का
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