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अमेरिकी टैरिफ की आशंका से ऑटो-आईटी शेयरों पर असर, शेयर बाजारों में गिरावट

इक्विटी बेंचमार्क सूचकांकों ने चालू वित्त वर्ष के अंतिम कारोबारी सत्र को उतार-चढ़ाव के साथ खत्म किया। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। ये गिरावट वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बाद आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली की वजह से हुई। अमेरिकी टैरिफ पर अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 191 अंक लुढ़ककर 77,414 पर जबकि एनएसई निफ्टी 72 अंक गिरकर 23,519 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में इंडसइंड बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी और इंफोसिस सबसे ज्यादा लुढ़के। जबकि कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स और नेस्ले इंडिया के शेयर सबसे ज्यादा चढ़े।

क्षेत्रीय मोर्चे पर आईटी, मीडिया, ऑटो, पावर, रियलिटी और पब्लिक सेक्टर के बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई, जबकि एफएमसीजी, प्राइवेट सेक्टर बैंक और टेलिकॉम शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। जापान के निक्केई, सियोल के कोस्पी, चीन के शंघाई कम्पोजिट और हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग सहित सभी एशियाई बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।

शुक्रवार को यूरोपीय बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं गुरुवार को वॉल स्ट्रीट में गिरावट दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशक गुरुवार को शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 11,111 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे।