रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक में बढ़त के बाद मंगलवार को इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करते हुए मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, बाजार में शुरुआती बढ़त कम हो गई, क्योंकि निवेशकों ने ट्रंप की नौ जुलाई की टैरिफ एक्सपायरी से पहले सतर्क रुख बनाए रखा। साथ ही उन्हें भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर प्रगति का भी इंतजार है।
विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि बाजार को समर्थन देने वाले वैश्विक और घरेलू कारकों का अभाव है। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 90 अंक चढ़कर 83,697 पर जबकि एनएसई निफ्टी 24 अंक बढ़कर 25,541 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, अल्ट्रा टेक सीमेंट और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा चढ़े। वहीं एक्सिस बैंक, ट्रेंट लिमिटेड, इटरनल लिमिटेड, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा लुढ़कने वाले शेयरों में शामिल रहे।
क्षेत्रीय मोर्चे पर, पब्लिक सेक्टर बैंक, ऑयल एंड गैस, रियलिटी और टेलीकॉम शेयरों ने बाजार की रफ्तार को आगे बढ़ाया। जबकि एफएमसीजी, आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज, कैपिटल गुड्स और ऑटो शेयरों ने बाजार को नीचे खींचा।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और इंडोनेशिया का जकार्ता कम्पोजिट गिरावट के साथ जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और सियोल का कोस्पी बढ़त के साथ बंद हुए। हॉन्गकॉन्ग का बाजार छुट्टी की वजह से बंद रहा।
यूरोपीय बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वॉल स्ट्रीट में सोमवार को तेजी रही। विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 831 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे।