Breaking News

लखनऊ स्नातक MLC चुनाव में सपा की उम्मीदवार कांति सिंह ने दर्ज कराई जीत     |   NEET प्रोटेस्ट के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल पर SC में सुनवाई आज     |   सऊदी अरब में हमलों का खतरा, अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को देश छोड़ने का दिया आदेश     |   गोवा के वास्को में भीषण आग, कार एक्सेसरीज की दुकान जलकर खाक, मौके पर पहुंचे CM     |   दिल्ली-NCR में मौसम ने ली करवट, कहीं बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश, मौसम विभाग का येलो अलर्ट     |  

दिल्ली चलो का नारा-देशभर में चक्का जाम की हुंकार

नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार को अपने 10 बरस के शासन में दो-एक बार जो मुंह की खानी पड़ी, उनमें से एक साल 2020 का किसानों का पर्दशन रहा. तीन कृषि कानूनों की वजह से मोदी सरकार की खूब किरकिरी हुई और आखिरकार सरकार को तीनों कानूनों को वापस लेना पड़ा.

अब 2024 चुनाव से महज कुछ दिन पहले फिर एक बार किसान मोर्चा बना दिल्ली कूच करने की तैयारी में हैं. अगले हफ्ते 13 फरवरी को देश भर के 200 किसान संगठनों ने दिल्ली कूच करने की तैयारी की है. किसानों की मुख्यतः दो मांगे हैं. पहला – एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और दूसरा – किसानों की कर्जमाफी.

राकेश टिकैत ने क्या कहा?

भारत सरकार ने पिछले प्रदर्शन के बाद एमएसपी के मसले पर एक कमिटी बनाया था मगर किसानों के बहुतेरे संगठन उससे खुश नहीं नजर आए. भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी आंदोलन की बात की है. टिकैत ने कहा है कि 16 फरवरी को किसान संयुक्त मोर्चा पूरे देश में चक्का जाम करेगी. टिकैत ने इस दिन आगे के आंदोलन की तैयारी करने की भी बात की है.