New Delhi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने मंगलवार को ‘एनपीएस वात्सल्य’ योजना की शुरुआत की। इस योजना में माता-पिता को पेंशन खाते में निवेश कर अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत करने की सुविधा दी गई है। माता-पिता ऑनलाइन या बैंक या डाकघर जाकर एनपीएस वात्सल्य योजना का हिस्सा बन सकते हैं।
वात्सल्य खाता खोलने के लिए न्यूनतम योगदान 1,000 रुपये है। इसके बाद सब्सक्राइबरों को सालाना 1,000 रुपये का योगदान करना होगा। एनपीएस यानी नेशनल पेंशन सिस्टम खातों से पैसा निकालने के दिशानिर्देशों को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
निर्मला सीतारामन ने दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में एनपीएस वात्सल्य योजना को शुरू करते हुए कहा कि इस पेंशन सिस्टम ने बहुत कंपटीटिव रिटर्न दिया है और ये भविष्य की आय सुनिश्चित करते हुए लोगों को बचत का विकल्प मुहैया कराती है।
एनपीएस वात्सल्य योजना पहले से ही चली आ रही एनपीएस योजना का बच्चों तक किया गया विस्तार है। इसमें 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का खाता खोला जा सकता है जो उनके 18 साल की उम्र पूरी होने पर अपने-आप नियमित एनपीएस खाते में बदल जाएगा।
हालांकि, एनपीएस वात्सल्य योजना के तहत खोले गए खाते में पेंशन सिर्फ 60 साल की उम्र पूरी होने पर ही आएगी। पिछले 10 सालों में एनपीएस के 1.86 करोड़ ग्राहक हो चुके हैं और एयूएम यानी एसेट अंडर मैनेजमेंट 13 लाख करोड़ रुपये है।