शिमला के संजौली इलाके में एक मस्जिद के अवैध हिस्से को गिराने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों की बुधवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरीकेड तोड़ दिए और पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया। बुधवार को "जय श्री राम" और "हिंदू एकता जिंदाबाद" का नारा लगाते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारी सब्जी मंडी ढली में जमा हुए।
प्रदर्शनकारियों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (निषेधाज्ञा) का उल्लंघन करते हुए, विरोध दर्ज कराने के लिए प्रशासन की चेतावनी को अनसुना कर दिया। संजौली की ओर बढ़ते हुए प्रदर्शनकारियों ने ढली सुरंग के पास लगे बैरीकेड तोड़ दिए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू होने से पहले सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की जाती थी।
कुछ हिंदू संगठनों की अपील पर प्रदर्शनकारी संजौली में दाखिल हुए और मस्जिद के पास लगा एक और बैरीकेड तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस ने हिंदू जागरण मंच के सचिव कमल गौतम सहित कुछ प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया और मस्जिद के पास फिर से बैरीकेड लगा दिए। हालांकि इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों ने जाने से इनकार कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते रहे।
झड़प की वजह से संजौली, ढली और आसपास के इलाकों के स्टूडेंट स्कूलों में फंसे रहे। प्रदर्शन की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने स्कूलों को बंद करने का आदेश नहीं दिया, इस पर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई स्कूल बच्चों को घर वापस भेजने के लिए जिला प्रशासन के निर्देशों का इंतजार करते रहे।
झड़प और पथराव में कम से कम दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई में उनके कुछ लोगों को भी चोटें आई हैं। कई महिलाएं भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं और बैरीकेड तोड़ने से पहले ढली में हनुमान चालीसा का पाठ किया।
संजौली इलाके में मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर बढ़ते तनाव और विवादित ढांचे को गिराने के लिए हिंदू संगठनों की तरफ से बंद की अपील के बीच, संजौली और आसपास के इलाकों में बुधवार को भारी पुलिस बल तैनात रहा।
शिमला जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है, जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने और खतरनाक अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर रोक लगा दी गई है।