UP News: प्रयागराज से जुड़ी एक सनसनीखेज घटना ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले से जुड़े संत आशुतोष ब्रह्मचारी पर चलती ट्रेन में जानलेवा हमला होने की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस से प्रयागराज जा रहे थे, तभी फतेहपुर और सिराथू स्टेशन के बीच सुबह करीब 5 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावर ने उनके चेहरे और हाथों पर वार किया और नाक काटने की भी कोशिश की। गंभीर हालत में उन्होंने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद करके किसी तरह अपनी जान बचाई।
शंकराचार्य का पलटवार
इस घटना के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि यह पूरा मामला एक “मनगढ़ंत कहानी” हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी पर हमला हुआ तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि हमला किसने किया, लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम बताया जा रहा है वह उन्हें संदिग्ध लगता है।
शंकराचार्य का दावा है कि यह घटना उनके खिलाफ चल रहे मामले को मजबूत करने या सहानुभूति पाने के लिए रची गई हो सकती है। उन्होंने साफ कहा कि इस हमले से उनका कोई संबंध नहीं है और सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी।
विवाद की पृष्ठभूमि
दरअसल, आशुतोष ब्रह्मचारी ने पहले शंकराचार्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। इसी मामले से जुड़े सबूत पेश करने के लिए वे प्रयागराज जा रहे थे, तभी यह हमला होने का दावा किया गया।
अब इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है—एक तरफ हमला और साजिश के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ इसे “ड्रामा” बताया जा रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।