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कटरा में शंकराचार्य मंदिर निर्माण फिर शुरू, देवी संग्रहालय समेत कई बड़े फैसलों की घोषणा

जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को आदि शंकराचार्य मंदिर की आधारशिला रखी और देवियों के एक अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय समेत कटरा के विकास के लिए कई प्रमुख पहल की घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि शंकरचार्य मंदिर की परिकल्पना सर्वप्रथम 1967 में की गई थी। यह मंदिर विभिन्न आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। भारत के प्रमुख देवी तीर्थ स्थलों की प्रतिकृतियों वाला देवी संग्रहालय भी रियासी जिले में माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटरा में बनाने का प्रस्ताव है।

समारोह के दौरान सिन्हा ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने देश भर में यात्रा की और चार मठों की स्थापना की। उप-राज्यपाल ने कहा, ‘‘उन्होंने जम्मू कश्मीर की भी यात्रा की थी। कश्मीर के श्रीनगर में शंकराचार्य मंदिर में सैकड़ों तीर्थयात्री दर्शन के लिए आते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों ने मिलकर आदि शंकराचार्य के एक भव्य मंदिर के निर्माण का निर्णय लिया है। स्थानीय देवी-देवताओं के लिए भी एक मंदिर बनाया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भूमिका मंदिर के जीर्णोद्धार और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है।’’ अधिकारियों ने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शंकराचार्य मंदिर के निर्माण का प्रस्ताव रखा है, जिसमें मंदिर तक पहुंच के लिए सड़क, सार्वजनिक सुविधाएं और भूमि मालिकों के लिए 50 व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं। इसका अनुमानित खर्च 31.51 करोड़ रुपये है।

इस परियोजना को पुनर्जीवित करने वाले उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि इससे क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। अधिकारियों ने बताया, “शंकराचार्य मंदिर के निर्माण की अवधारणा मूल रूप से 1967 में सामने आई थी। 2025 में माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) और संबंधित भूस्वामियों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।”

हाल में बोर्ड की बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों का जिक्र करते हुए उप-राज्यपाल ने कहा कि कटरा में देवियों का एक अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘सोमनाथ मंदिर और ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ में दिखाए जाने वाले ‘लाइट एंड साउंड शो’ की तर्ज पर एक ‘लाइट एंड साउंड शो’ भी तैयार किया जाएगा, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को एक बेहतर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिल सके।’’

उप-राज्यपाल ने कहा कि शिवखोड़ी स्थित भोलेनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले कई तीर्थयात्रियों को यात्रा करने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा, ‘‘इस समस्या के समाधान के लिए, शिवखोड़ी मंदिर बोर्ड और माता वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड ने संयुक्त रूप से कटरा और शिवखोड़ी के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है।"

मनोज सिन्हा ने बताया कि कटरा स्थित हेलीपैड का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और शिवखोड़ी में भी इसी प्रकार की सुविधा का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है। सामाजिक कल्याण उपायों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के तहत गठित एक अधिकार प्राप्त समिति ने पूर्व में जम्मू कश्मीर सरकार और श्राइन बोर्ड द्वारा टट्टू चालकों और मजदूरों के लिए एक संयुक्त पुनर्वास कार्यक्रम की सिफारिश की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘श्राइन बोर्ड ने अब उनके चरणबद्ध पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी लेने का फैसला किया है।’’