उत्तर भारत की कई जगहों की तरह राजस्थान के बाड़मेर में भी लू की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। तेज लू की वजह से सड़कें सुनसान रहती हैं। व्यस्त समय में भी गाड़ियों का आवागमन नदारद रहता है। लोगों का आरोप है कि तपती गर्मी में छाएदार जगह और सार्वजनिक पेयजल जैसी सुविधाएं लगभग नदारद हैं। गर्मी से दूर-दूर तक राहत नहीं है। ऐसे में लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलते हैं।
कई लोग बढ़ते तापमान के लिए जंगलों की कटाई और सौर ऊर्जा संयंत्रों के तेजी से विस्तार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ लोगों में आक्रोश भी बढ़ रहा है। कुछ लोगों ने कहा कि प्रशासन ने गर्मी से जुड़ी चेतावनी तो जारी की, लेकिन राहत पहुंचाने के बुनियादी उपाय उपलब्ध नहीं कराए। उधर बाड़मेर के सरकारी अस्पताल में, अधिकारियों ने गर्मी से राहत दिलाने के लिए इंतजार करने की जगहों में पानी के फव्वारे और पंखे लगाए हैं। फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस कारण मौसम विभाग ने तापमान और बढ़ने की चेतावनी दी है। साफ है कि हाल-फिलहाल में गर्मी से राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर, 45 डिग्री के पार तापमान से जनजीवन प्रभावित
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