राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इस हादसे में पांच बच्चों की मौत हो गई और लगभग 15 बच्चे घायल हो गए. अभी 41 बच्चों के मलबे में दबे होने की आशंका है. यह घटना हमें उन तमाम स्कूल हादसों की याद दिलाती है, जो पहले भी देश के अलग अलग हिस्सों में हो चुके हैं और जिन्होंने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना में पिपलोदी प्राइमरी स्कूल की छत अचानक गिर गई. यह हादसा सुबह करीब 8 बजे हुआ, जब बच्चे क्लास में पढ़ रहे थे. इस हादसे में पांच बच्चों की मौत हो गई और 17 बच्चे घायल हुए. बताया जा रहा है कि हादसे के समय स्कूल में 70 बच्चे मौजूद थे. अभी भी मलबे में 44 बच्चों के फंसे होने की आशंका है. जिसके बाद पुलिस, प्रशासन, और NDRF की टीमें तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. झालावाड़ के SP अमित कुमार बुदानिया ने बताया कि जिला कलेक्टर और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल ले जाया गया. यह हादसा स्कूलों में पुरानी इमारतों और रखरखाव की कमी को लेकर फिर से सवाल उठाता है, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब देश में ऐसा कुछ हुआ हो.