Breaking News

एकता-विविधता भारत के डीएनए में है, मैडिसन स्क्वायर में बोले मोहन भागवत     |   किश्तवाड़ में छात्रा से दुष्कर्म मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई     |   CM मोहन यादव ने सतना-रीवा में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया     |   ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी मददगार अफगान के रिश्तेदार को सेंट्रल अफ्रीकी गणराज्य भेजा     |   नेपाल के कई जिलों में भोटे कोशी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी     |  

Sant Sansad 2026: हमें उस शिक्षा पद्धति की आवश्यकता है जो भारत को जगद्गुरु बनाए — कालीचरण जी महाराज

नई दिल्ली में 16 मई को NETWORK-10 द्वारा ‘संत संसद’ कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों ने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति से जुड़े अहम विषयों पर मंथन किया। इस विशेष आयोजन में सामाजिक समरसता, जातिवाद के दुष्प्रभाव, धर्मांतरण की चुनौतियां, तीर्थ स्थलों के विकास और भारत की आध्यात्मिक तथा आर्थिक शक्ति जैसे मुद्दों पर भी संवाद हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य संत समाज के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। इस कार्यक्रम में कालीचरण महाराज भी शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 'ईश्वर के साक्षात्कार का विज्ञान धर्म है। हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध पंथ मिलकर सनातन धर्म बनाते है। महाराज ने कहा हमें उस शिक्षा पद्धति की आवश्यकता है जो भारत को जगद्गुरु बनाए, सोने की चिड़िया बनाए।'