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सबरीमला: देवस्वोम बोर्ड ने शिकायतें मिलने के बाद श्रद्धालुओं के लिए पानी और बिस्कुट की व्यवस्था की

केरल में मंगलवार को वार्षिक ‘मंडला-मकरविलक्कु’ तीर्थयात्रा सत्र के दूसरे दिन सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के दर्शन के लिए लाखों तीर्थयात्री पहुंचे। इस दौरान कतारों में खड़े कई तीर्थयात्रियों ने पीने के पानी की कमी की शिकायत की। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड यानी टीडीबी के नवनियुक्त अध्यक्ष के जयकुमार ने कहा कि कतार में खड़े तीर्थयात्रियों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए 200 अतिरिक्त कर्मी तैनात किए गए हैं।
जयकुमार ने कहा कि ये सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं कि तीर्थयात्री दर्शन के लिए बारी-बारी से निर्बाध रूप से 18 सीढ़ियां चढ़ सकें और कोई भी कतार तोड़कर आगे न बढ़े। उन्होंने कहा कि मैंने मंदिर परिसर में अब तक इतनी भारी भीड़ कभी नहीं देखी। ऐसा लग रहा है कि कुछ तीर्थयात्री कतार तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। यहां इतनी भारी भीड़ देखकर मैं भी डर गया हूं।

जयकुमार ने कहा कि मैंने तीर्थयात्रियों की निर्बाध एवं सुचारु आवाजाही की व्यवस्था करने और ये सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी कतार को तोड़कर आगे न बढ़े। यहां इतनी भारी भीड़ नहीं जुटनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पंबा में तीर्थयात्रियों की भीड़ को कम करने के लिए निलक्कल में उनका (तीर्थयात्रियों के) प्रवाह धीमा करने के निर्देश जारी किए हैं। यह सुनिश्चित करने को कहा है कि तीर्थयात्री घंटों कतार में इंतजार किए बिना अपनी तीर्थयात्रा शीघ्र पूरी कर सकें। जयकुमार के मुताबिक तीर्थयात्री निलक्कल में इंतजार कर सकते हैं। वहां इसके लिए सुविधाएं मौजूद हैं। साथ ही, वहां सात अतिरिक्त ‘स्पॉट बुकिंग काउंटर’ भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि तीर्थयात्रियों को बुकिंग के लिए पंबा न आना पड़े। उन्होंने कहा, “हम एक दिन में ‘स्पॉट बुकिंग’ की संख्या को सीमित करने की संभावना भी तलाशेंगे।

टीडीबी अध्यक्ष ने कहा कि तीर्थयात्री सबरीमला में स्थापित कतार परिसरों में प्रवेश नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं वे पीछे न हो जाएं। उन्होंने कहा कि अगर वे (तीर्थयात्री) कतार परिसर में प्रवेश करते हैं, तो हमारे लिए उन्हें पानी और बिस्कुट उपलब्ध कराना आसान हो जाएगा। जयकुमार ने बताया कि 200 अतिरिक्त कर्मियों को कतारों में खड़े लोगों के पास जाकर उन्हें पानी उपलब्ध कराने के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि सबरीमला में शौचालयों की सफाई के लिए तमिलनाडु से लगभग 200 सफाई कर्मियों को लाया जा रहा है। टीडीबी के मुताबिक, ‘मंडला-मकरविलक्कु’ तीर्थयात्रा सत्र के लिए 16 नवंबर की शाम को मंदिर के पट खुलने के बाद मंगलवार दोपहर तक लगभग दो लाख तीर्थयात्री वहां पहुंच चुके हैं।