अमेरिका-ईरान तनाव और मजबूत डॉलर के दबाव के बीच भारतीय रुपये में कमजोरी लगातार बढ़ती जा रही है. मंगलवार, 19 मई को शुरुआती कारोबार में रुपया 18 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले 96.38 के स्तर पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 96.38 प्रति डॉलर पर खुला, जो पिछले बंद स्तर से 18 पैसे कमजोर था. इससे पहले सोमवार को रुपया 96.20 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था.
रुपये में गिरावट का सिलसिला लगातार सातवें कारोबारी सत्र में भी जारी रहा. पिछले सात दिनों में भारतीय करेंसी करीब 2.2 प्रतिशत टूट चुकी है. वहीं सितंबर के आखिर में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से रुपया अब तक 6 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हो चुका है. फॉरेक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और वैश्विक तनावों की वजह से रुपये पर दबाव बना हुआ है.
फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है. खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज में किसी भी तरह की रुकावट भारत के तेल आयात और खाड़ी देशों के साथ व्यापार पर असर डाल सकती है. CR Forex एडवाइजर के एमडी अमित पबारी ने कहा कि फिलहाल बाजार की सबसे बड़ी चुनौती दिशा नहीं बल्कि भरोसे की कमी है. उनका मानना है कि जब तक ग्लोब्ल टेंशन कम होने और विदेशी निवेश स्थिर होने के संकेत नहीं मिलते, तब तक रुपये पर दबाव बना रह सकता है.
उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से USD/INR के लिए 94.80-95.10 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए बाजार अब धीरे-धीरे 97 के स्तर की ओर बढ़ता दिख रहा है. डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत को दर्शाता है, 0.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 99.10 पर कारोबार कर रहा था. वहीं ब्रेंट क्रूड में हल्की नरमी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड 1.91 प्रतिशत गिरकर 109.96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
रुपये में कमजोरी के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 366 अंक चढ़कर 75,706 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 107 अंक मजबूत होकर 23,760 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी करते नजर आए. एक्सचेंज डेटा के मुताबिक सोमवार को FIIs ने 2,813.69 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत अमेरिकी प्रतिबंधों से अलग अपनी ऊर्जा सुरक्षा और व्यावसायिक जरूरतों के आधार पर रूस से तेल खरीद जारी रखेगा.उन्होंने कहा कि भारत पहले भी रूस से तेल खरीदता था, छूट के दौरान भी खरीद जारी रही और आगे भी जारी रहेगी. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 8 मई को खत्म हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6.295 अरब डॉलर बढ़कर 696.988 अरब डॉलर पहुंच गया. इससे पिछले सप्ताह फॉरेक्स रिजर्व में 7.794 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी.