राजस्थान के आरटीआई एक्टिविस्ट सुजीत स्वामी ने दावा किया है कि उन्होंने दो रुपये के रिफंड के लिए इंडियन रेलवे से लड़ाई जीत ली है। उनका कहना है कि रेलवे ने मान लिया है कि वेटिंग लिस्ट के टिकट को कैंसिल करने में उसने गलती से रुपये काट लिए थे।
स्वामी का कहना है कि उन्होंने यह लड़ाई पांच साल तक लड़ी। उनके मुताबिक रेलवे की गलती मानने से तकरीबन 10 लाख लोगों को फायदा हुआ है। स्वामी का दावा है कि उनकी कोशिशों की वजह से रेलवे ने 2.43 करोड़ रुपये की रकम वापस करना शुरू कर दिया है।
स्वामी ने ये भी बताया कि उन्होंने इस लड़ाई को पैसों के लिए नहीं सिद्धांतों की वजह से लड़ा। स्वामी के मुताबिक उनकी पांच साल की लंबी लड़ाई पैसे के बजाय सिद्धांतों से प्रेरित थी, जब आईआरसीटीसी ने उनके बैंक खाते में दो रुपये ट्रांसफर कर दिए, तब उनकी जीत हुई।
महज दो रुपये के रिफंड के लिए सुजीत स्वामी की मुहिम की काफी लोग तारीफ कर रहे हैं। सुजीत स्वामी के बारे में लोगों का कहना है कि उनकी जीत उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो सरकारी सिस्टम से आर्थिक नुकसान के मामले में परेशान होकर खुद को ठगा हुआ सा महसूस करते हैं।