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Republic Day Parade 2026: पुडुचेरी की झांकी में शिल्प विरासत और ऑरोविल की दिखी झलक

Republic Day Parade 2026: दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में पुडुचेरी की झांकी में केंद्र शासित प्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प कौशल और ऑरोविल के विश्व प्रसिद्ध नजरिये को दिखाया गया।

ये झांकी पुडुचेरी की टेराकोटा कला, मिट्टी के बर्तनों और मूर्तिकला की पुरानी विरासत को दर्शाती है। सोमवार को कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान ये उन कुशल कारीगरों की पीढ़ियों की याद दिला रही थी, जिन्होंने इन परंपराओं को संरक्षित और समृद्ध किया है।

इसने दिखाया कि कैसे पारंपरिक शिल्प पुडुचेरी की पहचान को परिभाषित करते हुए स्थानीय आजीविका को बनाए रखते हैं। साथ ही सांस्कृतिक निरंतरता को मजबूत करते हैं और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देते हैं। ये जीवित परंपराएं संस्कृति, प्रकृति और जीवन के स्थायी तरीकों के बीच एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन को दर्शाती हैं।

सामने के हिस्से में ऑरोविल का मशहूर सुनहरा मातृमंदिर दिखाया गया था, जो इंसानी एकता, आध्यात्मिक आकांक्षा और दुनिया में शांति का प्रतीक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाने वाला ऑरोविल एक यूनिवर्सल टाउनशिप है, जहां अलग-अलग संस्कृति के लोग सामूहिक विकास और टिकाउ जीवन जीने के साझा विन के साथ मिलकर रहते हैं।

साइड पैनल पर टेराकोटा का हाथी और गांव की वास्तुकला के तत्व दिखाए गए थे, जो पुडुचेरी में मिट्टी की कला से गहरे जुड़ाव को दिखाते हैं। पारंपरिक घरेलू सेटिंग्स में स्थानीय ज्ञान प्रणालियों, टिकाउ जीवन जीने के तरीकों और क्षेत्र का प्रकृति के साथ घनिष्ठ संबंध दिखाया गया था।

बीच में कारीगर मिट्टी के बर्तन बनाने, मूर्तिकला और टेराकोटा शिल्प में लगे हुए थे, जो पुडुचेरी की हस्तशिल्प परंपराओं को परिभाषित करने वाली सटीकता, रचनात्मकता और समर्पण का प्रदर्शन कर रहे थे।

इस झांकी ने पुडुचेरी की अपनी समृद्ध शिल्प विरासत को संरक्षित करने की यात्रा को दिखाया। साथ ही भविष्य के लिए एक दूरदर्शी, समावेशी और आध्यात्मिक रूप से प्रेरित नजरिये को भी पेश किया।