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नहीं रहे 'गजनी' के खतरनाक विलेन प्रदीप रावत, 74 साल की उम्र में हुआ निधन

फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया, उनके निधन की जानकारी अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की, उन्होंने भावुक संदेश लिखते हुए कहा कि 'गजनी' और 'लगान' के यादगार कलाकार अब हमारे बीच नहीं रहे। इस खबर के सामने आने के बाद फिल्म जगत में शोक का माहौल है, प्रदीप रावत के निधन पर कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेता ब्रिजेंद्र काला ने इसे बेहद दुखद बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, जबकि अभिनेत्री जया भट्टाचार्य ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपना शोक व्यक्त किया। बता दें कि 21 जनवरी 1952 को जन्मे प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर में कई यादगार किरदार निभाए, उनकी पत्नी का नाम कल्याणी रावत है और उनके दो बच्चे हैं।

प्रदीप रावत ने हिंदी, तेलुगू, तमिल समेत कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई, उनकी पहचान खास तौर पर खलनायक की भूमिकाओं के लिए बनी। अभिनय की दुनिया में उन्हें शुरुआती पहचान बी.आर. चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक 'महाभारत' में अश्वत्थामा के किरदार से मिली। तेलुगू सिनेमा में उन्होंने वर्ष 2004 में फिल्म 'Sye' से कदम रखा। इस फिल्म में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने तेलुगू फिल्मों में लगातार काम किया। हाल के वर्षों में वह 'Waltair Veerayya' में डेविड के किरदार और 'Gaayapadda Simham' जैसी फिल्मों में भी नजर आए।

प्रदीप रावत ने हिंदी सिनेमा में 1985 में फिल्म 'एतबार' से डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने 'मेरी जंग', 'समुंदर', 'अग्निपथ', 'बागी', 'राजकुमार', 'कोयला', 'दीवार', 'ग्रैंड मस्ती', 'सिंह इज ब्लिंग' और 'छावा' जैसी कई फिल्मों में अभिनय किया। साल 2001 में रिलीज हुई 'लगान' में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं 2008 में आई आमिर खान और असिन स्टारर 'गजनी' में खतरनाक विलेन के रूप में उनका अभिनय उनके करियर के सबसे चर्चित किरदारों में शामिल रहा।

फिल्मों के अलावा प्रदीप रावत ने तमिल, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बंगाली, ओड़िया, नेपाली और अंग्रेजी फिल्मों में भी अभिनय किया। टेलीविजन पर भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। 'महाभारत', 'तहकीकात', 'चंद्रकांता', 'युग', 'गुल सनोबर' और 'मिशन फतेह' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। प्रदीप रावत अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस और यादगार खलनायक की भूमिकाओं के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।