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केरल चुनाव से पहले सियासी घमासान, रिजिजू बोले-"कांग्रेस और कम्युनिस्टों ने लोगों को गुमराह किया"

केरल विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहली बार कांग्रेस और कम्युनिस्ट दोनों ही आम जनता के सामने बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने लंबे समय तक राज्य की जनता को गुमराह किया। रिजिजू ने कहा कि भाजपा और एनडीए ने केरल के भविष्य के लिए स्पष्ट नीति पेश की है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट एफसीआरए (Foreign Contribution Regulation Act) को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं और झूठ फैला रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने ऐतिहासिक रूप से मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। वहीं उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के तहत छोटे-छोटे समुदायों को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है।

रिजिजू ने कहा, “इस बार केरल का चुनाव बेहद दिलचस्प है क्योंकि पहली बार कांग्रेस और कम्युनिस्ट दोनों बेनकाब हुए हैं। हर पांच साल में वे सत्ता बदलते हैं, लेकिन जनता की सही देखभाल नहीं हुई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारे पास केरल के लिए ठोस योजना है। भाजपा और एनडीए ने राज्य के भविष्य के लिए स्पष्ट नीति बनाई है। कांग्रेस और कम्युनिस्ट एफसीआरए को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। कांग्रेस ने खासकर मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है, जो उनके लिए नुकसानदायक है। हम सबके लिए काम करते हैं।”

वहीं, कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने विश्वास जताया कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) इस बार सत्ता में वापसी करेगा और कम से कम 100 सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा, “इस बार सरकार बदलेगी। यूडीएफ सत्ता में आएगा और हम कम से कम 100 सीटें जीतेंगे।” मुरलीधरन ने यह भी कहा कि केरल की राजनीति में भाजपा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के लिए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगी और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर देगी। केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है।