ग्लेशियरों की यात्रा रोमांच जगाने के साथ-साथ प्रकृति से जुड़ने का माध्यम तो होती हैं लेकिन बढ़ते मानव दखल से ग्लेशियर संकट में हैं। ग्लेशियर पीछे की ओर खिसकते जा रहे हैं। पिंडारी ग्लेशियर भी साल-दर-साल पीछे खिसकता जा रहा है। इसको लेकर पर्यावरणविद चिंतित हैं। मशहूर छायाकार पद्मश्री अनूप साह बताते हैं कि 60 साल पहले जहां जीरो प्वाइंट हुआ करता था, अब वहां पर भुरभुरे पहाड़ दिखाई देते हैं। ग्लेशियर आधा किमी से अधिक पीछे जा चुका है।
60 साल में आधा किमी से अधिक पीछे खिसका पिंडारी ग्लेशियर
You may also like
राहुल गांधी ने RSS को बताया 'राष्ट्रीय समर्पण संघ', कहा- राम माधव की टिप्पणी दिखाती है 'शुद्ध दासता'.
देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप, लोगों को सावधानियां बरतने की सलाह.
‘पीडीएस घोटाला’ मामले में ईडी ने कोलकाता और बर्धमान में कई परिसरों पर छापेमारी की.
देशभर में भीषण गर्मी, लोगों को सावधानियां बरतने की सलाह.