रमजान की खरीदारी के लिए देशभर के बाजारों में चहल-पहल जोरों पर है। मुस्लिम समुदाय पवित्र रमजान की तैयारी में जुटा है। रमजान का पाक महीना 19 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। कश्मीर घाटी में भी बाजारों में चहल-पहल का माहौल है, दुकानें सजी हुई हैं और सड़कों पर खरीदारों की भीड़ है। बाजार में सबसे ज्यादा मांग खजूरों की है। इसके अलावा दूसरे सूखे मेवे जैसे बादाम, किशमिश, काजू, अखरोट और अंजीर भी लोग खरीद रहे हैं। इन सबका इस्तेमाल इफ्तार और सहरी में किया जाता है।
बाजारों में रोजेदारों का उत्साह साफ झलक रहा है, लेकिन कई लोगों का कहना है कि रमजान का असली सार खाने की चीजों से ज्यादा धर्म में है। बाजार में भारी भीड़ के बीच कुछ ग्राहक व्यापारियों से रमजान के पवित्र महीने में कीमतों को स्थिर रखने की अपील कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गोंडा में भी बाजारों में ऐसा ही उत्साह देखने को मिला, जहां लोग रमजान से पहले आखिरी समय की खरीदारी के लिए दुकानों पर उमड़ पड़े। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई। दुकानदारों ने आने वाले दिनों में और अच्छी बिक्री की उम्मीद जताई।
हालांकि, कई लोगों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन उन्होंने ये भी माना कि त्योहारों की वजह से खरीदारी करना तो जरूरी है। रमज़ान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए रोजे, दुआ, दीनदारी और जकात का प्रतीक है। ये पाक महीना 18 फरवरी से संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में शुरू हो गया। हालांकि भारत और कई अन्य दक्षिण एशियाई और पश्चिमी देशों में रमजान का महीना 19 फरवरी से शुरू होगा।