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सोमनाथ अमृत महोत्सव में शामिल हुए PM मोदी, जारी किया स्मारक सिक्का और डाक टिकट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया। इस दौरान उन्होंने सोमनाथ मंदिर के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन भगवान सदाशिव की दिव्य लीला का हिस्सा है। उन्होंने मंदिर से अपने लंबे आध्यात्मिक संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अनगिनत बार सोमनाथ आकर भगवान के चरणों में नतमस्तक हुए हैं।

उन्होंने कहा, “यह सब भगवान सदाशिव की लीला है। एक साधक के रूप में मैं अनेक बार दादा सोमनाथ के दर्शन के लिए यहां आया हूं। लेकिन आज यहां पहुंचते हुए ऐसा लगा जैसे समय की एक लंबी यात्रा का आनंद ले रहा हूं।”

सोमनाथ अमृत महोत्सव आस्था और आत्मबल का प्रतीक

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भगवान महादेव की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है और यह आयोजन भक्ति, संकल्प, साहस और निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव कालातीत भी हैं और स्वयं कालस्वरूप भी। ऐसे में उनके पावन धाम के पुनर्निर्माण का यह उत्सव पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

1000 वर्षों की अमृत यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर आज भी अजेय और अविनाशी भारत का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “पहले विध्वंस के 1000 वर्ष बाद भी सोमनाथ का स्वाभिमान अक्षुण्ण है। आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हजार वर्षों की अमर यात्रा का अनुभव हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रभास पाटन की पवित्र भूमि दिव्य ऊर्जा से ओतप्रोत है। उन्होंने कहा कि पुष्पवर्षा, कला, संगीत, नृत्य, वैदिक मंत्रोच्चार, गर्भगृह में निरंतर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप और समुद्र की गर्जना ऐसा अनुभव करा रहे हैं मानो पूरी सृष्टि एक स्वर में कह रही हो—“जय सोमनाथ।”