प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से कुल 97 मिनट तक देश को संबोधित किया. वह अपने भाषण में विकसित भारत 2047 पर फोकस किया. साथ ही देश में महिला के अत्याचार पर जमकर बरसे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, "आज नई शिक्षा नीति बहुत राज्यों ने उसको एक अच्छा इनिशिएटिव लिया है।
उसके कारण आज 21वीं सदी के अनुरूप हमारी शिक्षा व्यवस्था को जो हम बल देना चाहते हैं और विकसित भारत के सपने के लिए जिस प्रकार से मानव समूह तैयार करना चाहते हैं उसमें नई क्षिक्षा नीति बहुत बड़ी भूमिका अदा करेगी।
मैं नहीं चाहता हूं कि मेरे देश के नौजवानों को अब विदेशों में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़े। मध्यमवर्गीय परिवार का लाखों-करोड़ों रुपया बच्चों को विदेश भेजने में खर्च हो जाए। हम यहां ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना चाहते हैं कि मेरे देश के नौजवानों को विदेश जाना ना पड़े।"