नेशनल इन्वे,टिगेशन एजंसी यानी एनआईए ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के कार्यकर्ताओं के साथ गैरकानूनी गतिविधियों में कथित संलिप्तता की जांच को लेकर गया जिले में बिहार विधान परिषद की पूर्व सदस्य (एमएलसी) समेत दो लोगों के परिसरों पर गुरुवार को तलाशी ली।
उन्होंने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने गया जिले के रामपुर थाना क्षेत्र में पूर्व एमएलसी मनोरमा देवी और गोइंथा गांव में द्वारिका यादव के परिसरों में तलाशी ली। सूत्रों ने कहा कि यह तलाशी अभियान बिहार के मगध इलाके में प्रतिबंधित संगठन को फिर से खड़ा करने और सशक्त करने की सीपीआई (माओवादी) की साजिश के संदर्भ में एनआईए की जांच का हिस्सा है।
ये मामला 2023 में रोहित राय और प्रमोद यादव नामक आरोपितों के कब्जे से हथियार और गोला-बारूद के साथ सीपीआई (माओवादी) मगध क्षेत्रीय संगठन समिति से जुड़ी दो पुस्तिकाओं की बरामदगी और जब्ती से जुड़ा है।
दोनों अपने सहयोगियों के साथ कथित तौर पर गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे और सीपीआई (माओवादी) की हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ठेकेदारों और ईंट भट्ठा मालिकों से अवैध तौर पर पैसों की उगाही भी कर रहे थे। अधिकारी एनआईए की कार्रवाई के बारे में चुप्पी साधे हुए हैं।
मनोरमा देवी से जुड़े परिवार के सदस्यों को पहले भी सीपीआई (माओवादी) के कैडरों के साथ जुड़े आरोप में जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था। कई बार कोशिश की जाने के बावजूद मनोरमा देवी इस मुद्दे पर अपनी टिप्पणी के लिए मौजूद नहीं हो सकीं।