माया नगरी मुंबई… मेमन परिवार में 25 अप्रैल 1950 को एक लड़के का जन्म हुआ. नाम रखा गया मोहम्मद इकबाल मेमन. ड्राइवरी के बाद मिर्च मसाले का धंधा करने वाला एक आम शख्स कब और कैसे गैंगस्टर बन जाएगा किसी ने नहीं सोचा था. मेमन परिवार मिर्च और मसाले बेचने का धंधा करता था. उनकी कई दुकानें थीं, इस कारण मेमन परिवार के सभी लोगों को मिर्ची सरनेम से लोग पुकारते थे. यहीं से इकबाल मेमन का नाम भी इकबाल मिर्ची पड़ा.
1960 में हाईस्कूल की पढ़ाई छोड़ इकबाल टैक्सी चलाने लगा था. लेकिन परिवार चाहता था कि वो उनके बिजनेस को आगे बढ़ाए. उधर ड्राइवरी की नौकरी करते इकबाल भी थक चुका था. लेकिन इकबाल चाहता था कि वो कुछ ऐसा करे जिससे उसका बड़ा नाम हो और बहुत सा पैसा उसके पास हो. फिर वो कंटेनर से सामान चुराकर बेचने लगा.