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नागपुर हिंसा में 50 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए, पांच प्राथमिकी दर्ज

महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हुई हिंसा के सिलसिले में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंघल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र (छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित) को हटाने की मांग को लेकर एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान एक समुदाय का धर्मग्रंथ जलाया गया है। 

इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सिंघल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और विभिन्न थानों में पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।’’ 

नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि माहौल को खराब करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया और उन्होंने विपक्ष से मामले में राजनीति न करने की अपील की। बावनकुले ने सभी समुदायों के सदस्यों से सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की और उन्होंने पुलिस आयुक्त तथा जिलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की। 

उन्होंने कहा, ‘‘माहौल को खराब करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया और गृह विभाग की ओर से कोई चूक नहीं हुई, क्योंकि पुलिस हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच (हिंसा के दौरान) ढाल बनकर खड़ी रही, जिसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।’’ बावनकुले ने कहा कि फिलहाल स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण है, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल तैनात होने के कारण शहर में शांति है।