मॉरीशस का जीवंत और उत्सवी माहौल तब जीवंत हो उठता है जब पारंपरिक भोजपुरी लोकगीतों की धुनें हवा में गूंजने लगती हैं। सबसे प्रिय गीतों में से एक चौताल-धमाल, गिरमिटिया समुदाय की कई पीढ़ियों को जोड़ता है। इसके जरिये बुजुर्ग और युवाओं को साथ जुड़ने का मौका मिलता है।
मॉरीशस में होली की तैयारियां वसंत पंचमी के बाद शुरू हो जाती हैं। यहां परिवार प्रार्थना, भोजन और गीत के साथ एकजुट होते हैं और "चौताल-धमाल" परंपराओं को जीवित रखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से मॉरीशस में उत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया है। इस होली पर मॉरीशस अपनी गहरी सांस्कृतिक जड़ों का जश्न मना रहा है।