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INDIA गठबंधन की बैठक के बाद ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से की मुलाकात

INDIA गठबंधन की बैठक के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

सोमवार को आयोजित INDIA गठबंधन की बैठक में भी ममता बनर्जी और सोनिया गांधी शामिल हुई थीं। मुलाकात के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दोनों नेताओं की तस्वीर साझा करते हुए उनके संबंधों की गर्मजोशी को रेखांकित किया। टीएमसी ने पोस्ट में लिखा, "मुस्कान ने वह कह दिया जो शब्द नहीं कह सके... राष्ट्र की सेवा के दशकों लंबे समर्पण से मजबूत हुआ एक रिश्ता। हमारी सम्मानित अध्यक्ष ममता बनर्जी, आज दिल्ली में सोनिया गांधी जी के साथ।"

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रही है। विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और मतभेदों की खबरें सामने आई हैं। विपक्ष के नेता (LoP) के चयन को लेकर ममता बनर्जी के फैसले का पार्टी के कई विधायकों ने विरोध किया है। इसके अलावा, पार्टी के कुछ सांसदों के एक अलग समूह बनाने की चर्चाएं भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

इसी बीच, कथित हस्ताक्षर जालसाजी (सिग्नेचर फोर्जरी) मामले की जांच भी तेज हो गई है। सोमवार को पश्चिम बंगाल सीआईडी की एक टीम कोलकाता स्थित ममता बनर्जी के आवास पहुंची। इससे पहले जांच एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास भी पहुंच चुकी है। मामले की जांच के लिए सीआईडी ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच के दौरान 13 टीएमसी विधायकों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से तीन विधायकों ने दावा किया है कि 6 मई की बैठक के प्रस्ताव पत्र में मौजूद हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। वहीं, एक विधायक ने यह भी कहा है कि वह उस बैठक में शामिल ही नहीं हुए थे।

जांच एजेंसी ने अभिषेक बनर्जी से पार्टी की मूल प्रस्ताव पुस्तिका और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। मामला विधानसभा में पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति और विपक्ष के नेता के चयन से जुड़ा हुआ है। 27 मई को दो टीएमसी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत कर आरोप लगाया था कि 6 मई को विपक्ष के नेता के चयन को लेकर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था और बाद में दस्तावेजों में कथित रूप से हेरफेर की गई। शिकायत के आधार पर हेयर स्ट्रीट थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिसे बाद में सीआईडी को सौंप दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।