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मांड्या में LPG संकट गहराया, फ्यूल बंकर बंद होने से ऑटो चालकों की रोज़ी-रोटी पर संकट

मांड्या में एलपीजी की लगातार कमी के कारण ऑटो चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई ऑटो फ्यूल बंकर पिछले कई दिनों से बंद हैं और उनके बाहर “नो स्टॉक” के बोर्ड लगे हुए हैं, जिससे चालक अपने वाहनों में ईंधन भरवाने में असमर्थ हैं और उनका रोज़मर्रा का काम ठप हो गया है। कई चालक, जो पूरी तरह से रोज की कमाई पर निर्भर हैं और लोन लेकर ऑटो चला रहे हैं, इस अनिश्चित स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं। इस एलपीजी संकट को मध्य पूर्व के देशों में बढ़ते तनाव और संघर्ष से जोड़ा जा रहा है, जिससे घरेलू और व्यावसायिक गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है।

बंकर बंद होने के कारण चालक अपने वाहन फ्यूल स्टेशनों के पास खड़े कर इंतजार करने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई राहत नहीं मिली है। ईंधन की कमी ने उनकी आजीविका पर सीधा असर डाला है और कई चालक अब गुजारा करने के लिए वैकल्पिक काम ढूंढने को मजबूर हैं। बंकर कर्मचारियों ने भी पुष्टि की है कि गैस की भारी कमी के चलते संचालन बंद करना पड़ा है और यह कब सामान्य होगा, इसकी कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं है। इस संकट ने मांड्या के ऑटो चालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

चालकों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर एलपीजी आपूर्ति बहाल करने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है। इसी बीच, भारत में एलपीजी की आपूर्ति जारी है। शुक्रवार रात ‘ग्रीन सान्वी’ नामक भारतीय जहाज लगभग 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजरा। इससे पहले 28 मार्च को ‘एमटी जग वसंत’ जहाज के जरिए 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी गुजरात के वाडीनार टर्मिनल पहुंची थी, जिसे आगे शिप-टू-शिप ट्रांसफर के लिए निर्धारित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, समुद्री मार्ग में जारी तनाव के बीच भारतीय नौसेना के युद्धपोत व्यापारी जहाजों को सुरक्षा देने के लिए तैयार हैं, वहीं केंद्र सरकार ईरान के साथ सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रही है।