जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत एक विशाल पदयात्रा का नेतृत्व किया। इस पदयात्रा का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना था। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। पदयात्रा सरकारी डिग्री कॉलेज बारामूला से शुरू होकर डाक बंगला बारामूला तक निकाली गई।
इस अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक दो लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस मिलकर नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, "नशा समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। इसे समाप्त करने के लिए सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा।" एलजी सिन्हा ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने परिवार तथा समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल कानून लागू करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी और जनजागरूकता भी जरूरी है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ नशा पीड़ितों के पुनर्वास और उपचार पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक शपथ ली। प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह 100 दिवसीय विशेष अभियान जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।