श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने गुजरात से लाए गए भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की कोलंबो में सार्वजनिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। ये अवशेष गुजरात से दिल्ली होते हुए कोलंबो के बंदरनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के बाद उसे विशेष काफिले में हुनुपिटिया गंगारामया मंदिर ले जाया गया। आम जनता गुरुवार से 11 फरवरी तक ऐतिहासिक हुनुपिटिया गंगारामया मंदिर में चौबीसों घंटे इन पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेगी।
ये प्रदर्शनी श्रीलंका के 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही है। ये अवशेष 1960 के दशक में गुजरात के अरावली जिले में स्थित ऐतिहासिक देवनीमोरी पर पुरातात्विक खुदाई के दौरान मिले थे। खुदाई एक बौद्ध मठ परिसर के भीतर स्थित एक स्तूप में की गई थी, जहां दो अवशेष पेटियां मिली थीं। इनमें से एक पेटी में भगवान बुद्ध के अवशेष पाए गए थे। अब तक पवित्र अवशेषों को बड़ौदा संग्रहालय में कड़ी सुरक्षा के तहत रखा गया था और इन्हें कभी भारत से बाहर नहीं ले जाया गया था। पहली बार श्रीलंका के श्रद्धालुओं को इन्हें देखने और श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिला है।
भारत-श्रीलंका के रिश्ते होंगे मजबूत, पहली बार गुजरात से श्रीलंका भेजे गए भगवान बुद्ध के अवशेष
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