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स्वतंत्रता दिवस समारोह छात्रों के लिए बना यादगार, PM मोदी से बातचीत करने का मिला मौका

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करने के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली देशभक्ति के जोश से भर गई। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक किले पर लहराते तिरंगे के नीचे विकसित भारत का अपना खाका पेश किया, जिसका भविष्य यहां के लोग ही तय करेंगे।

लाल किले पर मौजूद छात्रों के लिए ये आजादी के जश्न एक यादगार पल बन गया क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने और उनसे बातचीत करने का मौका मिला।

लाल किले की प्राचीर से अपना संबोधन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री जैसे ही आगे बढ़े, सफेद, हरे और केसरिया रंग के कपड़े पहने स्कूली बच्चों का एक समूह दौड़कर उनकी ओर आया। पीएम मोदी मिलने के रुके और कई बच्चों से हाथ मिलाया। इस दौरान एक बच्ची ने उनके पैर छुए तो उसके सिर से टोपी गिर गई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने टोपी उठाकर उस पहनाई। स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के अंत में यह एक भावुक और यादगार पल बन गया।

छात्रों ने कहा कि  “सच कहूं तो, यह वाकई बहुत अच्छा अनुभव था। उन्हें यहां देखना थोड़ा अवास्तविक जैसा लगा, क्योंकि मैंने उन्हें हमेशा टीवी, मोबाइल फोन और दूसरी स्क्रीन पर ही देखा था, लेकिन आज मुझे उन्हें असल जिंदगी में देखने का मौका मिला।इसलिए ये थोड़ा अवास्तविक जैसा लगा।”

अपने संबोधन में अन्य बातों के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्नोलॉजी और एआई की बढ़ती भूमिका और भविष्य को आकार देने की उनकी क्षमता के बारे में बात की, उनके संदेश ने कई लोगों को प्रभावित किया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस का भाषण दिया। उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री का पद संभाला था।