Breaking News

दलबदल कानून के तहत AAP दाखिल करेगी याचिका, संजय सिंह बोले - सभापति को पत्र देंगे     |   केरल के CM की हीटवेव से बचाव और तैयारियों पर कल सुबह 11 बजे हाई लेवल मीटिंग करेंगे     |   WB चुनाव: CRPF के DG ने हाई लेवल बैठक की, 2nd फेज वोटिंग तैयारियों का जायजा लिया     |   बिहार: राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लोक भवन से रवाना     |   AAP को छोड़कर राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हुए     |  

खामेनेई की मौत की बाद कश्मीर में प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग

कश्मीर घाटी में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की US-इजरायल के हमलों में मौत की खबर के बाद लोग सड़क पर उतर आए. सैकड़ों प्रदर्शनकारी खामेनेई की बड़ी तस्वीरें और पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे हुए हैं. वे लगातार "खामेनेई जिंदाबाद" और "अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद" जैसे नारे लगा रहे हैं, जो उनकी कड़ी नाराजगी और विरोध को दर्शाता है. 

कश्मीर में इन प्रदर्शनों के पीछे गहरी धार्मिक और राजनीतिक वजहें हैं. अयातुल्ला अली खामेनेई को कश्मीर में एक इस्लामी क्रांतिकारी और फिलिस्तीन समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है. ईरान का कश्मीर मुद्दे पर लंबे समय से समर्थन रहा है, ख़ासतौर से शिया समुदाय और ईरान समर्थक समूहों के बीच उनकी लोकप्रियता बहुत अधिक रही. उन्हें इस्लामी एकजुटता और शिया मुस्लिम समुदाय का प्रतीक माना जाता है.

US-इजरायल द्वारा चलाए गए "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" को यहां कई लोग इस्लाम और खासतौर से शिया मुस्लिम समुदाय पर हमला मानते हैं. इस ऑपरेशन में ईरान के 40 से अधिक टॉप नेता मारे गए हैं, जिससे मिडिल ईस्ट की स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है. कश्मीर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत को सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं बल्कि धार्मिक और सामुदायिक भावनाओं से जुड़ा एक बड़ा विषय माना जा रहा है. इस कारण से वहां के लोग अपनी आक्रोश और विरोध प्रकट कर रहे हैं, जो भविष्य में क्षेत्र की राजनीति पर असर डाल सकता है.