हरियाणा का मुस्लिम बहुल जिला नूंह, देश के आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा पिछड़े इलाकों में शामिल किया जाता है। पिछले साल इस जिले में सांप्रदायिक दंगे हुए थे। अब यहां हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। नूंह विधानसभा सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक आफताब अहमद एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। उनका कहना है की नूंह हमेशा से सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल रहा है।
आफताब अहमद के मुताबिक बीजेपी ने जिले में सांप्रदायिक दंगों को हवा दी थी। उन्होंने कहा कि नूंह जिले के मेवात इलाके में बीजेपी ने कोई काम नहीं किया है। उधर, नूंह से बीजेपी उम्मीदवार संजय सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल दोनों ही पार्टियों ने इलाके की अनदेखी की है। जिले के लोग इस बार बीजेपी को वोट देंगे।
वहीं, इस सीट पर आम आदमी पार्टी भी दांव आजमा रही है। पार्टी ने यहां महिला उम्मीदवार राबिया किदवई को टिकट दिया है। उन्होंने जनता से पांच वादे किए है। जिसका वो हर रैली में प्रचार कर रही हैं। इस बीच जिले के लोग कांग्रेस पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस न सिर्फ नूंह बल्कि दूसरी सीटों पर भी जीत दर्ज करेगी। हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटों पर पांच अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती आठ अक्टूबर को होगी।
हरियाणा विधानसभा चुनाव: इस सीट पर कांग्रेस, BJP और AAP ने दिलचस्प बनाया मुकाबला
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