Breaking News

मनी लॉन्ड्रिंग: ED ने पैनकार्ड क्लब्स और अन्य की ₹646.58 करोड़ की संपत्ति जब्त की     |   गाजियाबाद के इंदिरापुरम में आग लगने की घटना का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया     |   UP: मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की     |   बीजेपी ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा की नई प्रदेश टीम का ऐलान किया     |   PM मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, बहादुरी की सराहना     |  

गुजरात सरकार की कैबिनेट मीटिंग आज, वर्क फ्रॉम होम पर हो सकता है बड़ा फैसला

गुजरात सरकार की कैबिनेट बैठक आज, 15 मई 2026 को होने जा रही है। इस बैठक में सरकारी खर्च में कटौती और ईंधन की बचत को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि सचिवालय कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम या रोटेशनल ड्यूटी व्यवस्था लागू कर सकता है।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने वेस्ट एशिया में जारी संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की बचत और सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया था। इसी के तहत गुजरात सचिवालय फेडरेशन ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर सप्ताह में एक से तीन दिन तक लचीली वर्क फ्रॉम होम सुविधा देने की मांग की है।

सचिवालय कर्मचारियों को रोटेशन के आधार पर कार्यालय बुलाने और बाकी दिनों में घर से काम करने की अनुमति दी जा सकती है। इससे न केवल ईंधन की खपत कम होगी, बल्कि ट्रैफिक और प्रशासनिक खर्च में भी कमी आएगी। सरकार डिजिटल गवर्नेंस को और मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। कोविड-19 के दौरान उपयोग किए गए ई-सरकार पोर्टल, ई-फाइलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे माध्यमों के जरिए अधिकांश सरकारी कामकाज को सुचारु रूप से संचालित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

गुजरात के नागरिक उड्डयन और सामाजिक न्याय मंत्री कुंवरजी बावलिया ने संकेत दिए हैं कि सरकार निजी क्षेत्र के उद्योगों और कॉरपोरेट संस्थानों के साथ भी चर्चा करेगी, ताकि जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को अपनाया जा सके। इस बीच राज्य पुलिस विभाग में भी खर्च कम करने के कदम उठाए गए हैं। डीजीपी अनिल राव ने अधिकारियों को अधिकतम बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग करने और वीआईपी सुरक्षा वाहनों की संख्या घटाने के निर्देश दिए हैं।

कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक कार्यकुशलता से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। इनमें 55 वर्ष से अधिक आयु के कम प्रदर्शन वाले कर्मचारियों की समीक्षा जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। दिल्ली सरकार ने भी सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। ऐसे में गुजरात सरकार का आज का फैसला देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। कैबिनेट बैठक के बाद सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।