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Gujarat: नवजातों की मृत्यु दर में भारी कमी, सरकार के बनवाए स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट्स की देन

गुजरात के सभी सरकारी अस्पतालों में नवजातों की देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाएं तेजी से मुहैया कराई जा रही है। राज्य सरकार ने 58 स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट, यानी एसएनसीयू बनाए हैं। पिछले साल इनमें 70 हजार से ज्यादा नवजातों का मुफ्त इलाज किया गया। जिन नवजातों का वजन कम होता है या सांस से जुड़ी अथवा सेहत की दूसरी परेशानियां होती हैं, इन यूनिट में उन्हें नया जीवन मिलता है। इससे नवजातों की मृत्यु दर में काफी कमी आई है।

जच्चा-बच्चा के लिए राजकोट में गुजरात का सबसे ऊंचा- 11 मंजिला अस्पताल है। इसमें 750 बेड हैं। यहां इलाज के लिए सौराष्ट्र और कच्छ से भी मरीज आते हैं। डॉक्टर मोनालिका मकाडिया ने बताया कि 2024 में यहां 10 हजार से ज्यादा डिलिवरी हुई थी। इनमें 15 फीसदी नवजातों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं। उनका खास इलाज किया गया, ताकि वे स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें। 

इन अस्पतालों में इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है। इससे गरीब तबके को काफी राहत मिलती है। आरिफ चौहान बताते हैं कि उनके बच्चे में शुगर का स्तर काफी कम था। सरकारी अस्पताल में उसका असरदार मुफ्त इलाज हुआ। इसी इलाज के लिए निजी अस्पतालों में रोजाना 10 से 15 हजार रुपये खर्च करने पड़ते। 

हर साल 12 लाख से ज्यादा बच्चे पैदा होते हैं। इनमें हजारों को एसएनसीयू में इलाज की जरूरत पड़ती है। राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और उप-जिला अस्पतालों में नवजातों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध की हैं। इन अस्पतालों में वेंटिलेटर और दूसरी आधुनिक सुविधाएं हैं। यहां गंभीर रूप से बीमार नवजातों की जान बचाई जा रही है। इससे राज्य में नवजातों की मृत्यु दर में भारी कमी आई है।