Breaking News

महुआ मोइत्रा के भेदभाव के आरोपों को अल्पसंख्यक आयोग ने किया खारिज     |   मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, गोवंडी में 2.53 करोड़ की नशीली गोलियां जब्त     |   PM मोदी ने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को सराहा, बोले- दुनिया 'Made in India' प्लेन की चर्चा भी करेगी     |   RBI का रेपो रेट पर बड़ा बदलाव, 5.25 से बढ़ाकर 5.50% किया     |   केरल: कोऑपरेटिव सोसाइटी फ्रॉड केस में ED की रेड, 20 ठिकानों पर छापेमारी     |  

अजय टम्टा बोले, सरकार का ध्यान शून्य सड़क दुर्घटनाओं पर होना चाहिए

Maharashtra: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने गुरुवार को कहा कि सड़क सुरक्षा का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है और सरकार का ध्यान सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने की दिशा में काम करने पर होना चाहिए। टम्टा ने वीआरयू और सड़क सुरक्षा पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विचारों पर काम करना चाहिए।

इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत जेन टॉड ने सड़क दुर्घटनाओं को एक मूक महामारी बताया और पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और मोटरसाइकिल चालकों जैसे संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ताओं (वीआरयू) की सुरक्षा की तत्काल जरूरत पर बल दिया।

भारत में 2021 में 1,54,000 से अधिक सड़क हादसे हुए थे। इनका हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि हर दुर्घटना को टाला नहीं जा सकता, लेकिन कई दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है और मरने वालों में अक्सर युवा, दैनिक यात्री और अकेले कमाने वाले लोग होते हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सड़क सुरक्षा पाठशाला’ का शुभारंभ था। यह आठ से 13 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए ‘ट्रैक्स’ द्वारा विकसित एक सड़क सुरक्षा मॉड्यूल है।