अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. सोना-चांदी खरीदना अब और महंगा पड़ सकता है. सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सोने, चांदी और दूसरी कीमती मेटल्स के आयात पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 10% कर दी है. वित्त मंत्रालय ने इसके लिए कई नोटिफिकेशन जारी किए. नई दरें आज से यानी 13 मई से लागू हो गई हैं.
गोल्ड पर कुल इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी की गई. गोल्ड पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 5% से बढ़ाकर 10% की गई. गोल्ड पर एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) 1% से बढ़ाकर 5 % किया गया. इसके अलावा UAE से तय मात्रा में कोटा के तहत आने वाले गोल्ड पर भी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई. UAE से तय मात्रा में कोटा के तहत रियायती दर पर इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी.
महंगे होंगे गहने: इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सर्राफा व्यापारियों और ज्वेलर्स के लिए सोना मंगाना महंगा हो जाएगा. इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा और सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
इंडस्ट्री पर असर: जो कंपनियां कीमती मेटल्स का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल काम या रिसाइकिलिंग के लिए करती हैं, उनकी लागत भी अब बढ़ जाएगी.
भारत में सोने के आयात में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. 2025-26 में देश का गोल्ड इंपोर्ट 24% से ज्यादा बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि 2024-25 में यह 58 अरब डॉलर था. 2023-24 में यह 45.54 अरब डॉलर और 2022-23 में 35 अरब डॉलर था. हालांकि मात्रा के हिसाब से सोने का आयात 4.76% घटकर 721.03 टन रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 757.09 टन था. भारत, चीन के बाद दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर है.
भारत के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 9% से ज्यादा है. 2025-26 में देश का कुल आयात 775 अरब डॉलर रहा. भारत सबसे ज्यादा सोना स्विट्जरलैंड से आयात करता है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 40% है. इसके बाद UAE का नंबर आता है, जिसकी हिस्सेदारी 16% से ज्यादा है. तीसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 10% है.
बता दें कि जुलाई 2024 के बजट में गोल्ड पर कुल इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% कर दी गई थी. इसमें इंपोर्ट ड्यूटी (BCD) 10% घटाकर 5% किया गया था और सेस (AIDC) 5% से घटाकर 1% कर दिया गया था. देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ‘किफायत’ बरतने की अपील की है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे फिलहाल सोना खरीदने और विदेश यात्राओं पर खर्च कम करें. इसके अलावा पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल भी संभलकर करने को कहा है ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके.