Breaking News

फ्रांस में दंगों के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन, 2,700 लोग हिरासत में लिए गए     |   तिब्बत में 7 की तीव्रता वाले भीषण भूकंप से भारी तबाही, 16 लोगों की मौत, 32 घायल     |   टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोटा से दबोचे गए तीन आरोपियों से कड़ी पूछताछ     |   हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का बड़ा असर, कई कंपनियां और दफ्तर बंद     |   बिहार-यूपी समेत 4 राज्यों की 28 MLC सीटों पर वोटिंग जारी     |  

ऑनलाइन लीक हुई दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज', ZEE5 ने दर्शकों से की पाइरेसी न करने की अपील

अभिनेता दिलजीत दोसांझ की चर्चित फिल्म 'सतलुज' भारत में ZEE5 से हटाए जाने के कुछ ही समय बाद ऑनलाइन लीक हो गई है। इंटरनेट पर फिल्म की पायरेटेड कॉपी सामने आने के बाद ZEE5 ने दर्शकों से पाइरेसी का समर्थन न करने की अपील की है। ZEE5 ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हम 'सतलुज' को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। आप भी हमारा साथ दें और पाइरेसी का समर्थन न करें। हम हर संभव कानूनी रास्ता अपना रहे हैं ताकि फिल्म को जल्द से जल्द दोबारा दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।"

ZEE5 ने 5 जुलाई को घोषणा की थी कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 'सतलुज' भारत में अगले आदेश तक उपलब्ध नहीं रहेगी। हालांकि, प्लेटफॉर्म ने कहा कि फिल्म को फिर से रिलीज करने के लिए सभी उचित कानूनी विकल्पों पर काम किया जा रहा है। फिल्म के हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि सोमवार को दफ्तर खुलने के बाद फिल्म पर रोक लग सकती है, लेकिन यह फैसला रविवार शाम को ही हो जाएगा, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा, "जो मैंने सोचा था, वही हुआ। मुझे लगा था कि सोमवार को फिल्म पर रोक लग सकती है, लेकिन यह रविवार शाम को ही हो गया।"

'सतलुज' पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। खालड़ा ने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और गुप्त अंतिम संस्कारों का मामला उजागर किया था। साल 1995 में उनका कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था। बाद में उनका शव सतलुज नदी के हरिके पुल के पास मिला था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच हुई, जिसमें कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सबूत मिले। बाद में अदालत ने कई आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा।