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'बुद्ध पूर्णिमा' के दिन देशभर के श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

बुद्ध पूर्णिमा के दिन नदियों और घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान करने पहुंच रहे हैं। सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। वैदिक पंचांग के मुताबिक आज वैशाख महीने की पूर्णिमा है, जिसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। ये दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का स्मरण करता है।

हरिद्वार से लेकर काशी और अयोध्या तक श्रद्धालुओं ने मंदिरों और घाटों पर पूजा-पाठ किया। साथ ही परिजनों की सुख-शांति की कामना की। वाराणसी के पवित्र दशाश्वमेध घाट पर सुबह काफी श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान और विशेष अनुष्ठान किए। ऐसा माना जाता है कि इससे शरीर और आत्मा दोनों शुद्ध होते हैं।

पवित्र नगरी प्रयागराज में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। हरिद्वार में भी हजारों श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही गंगा में पवित्र डुबकी लगाने के लिए हर की पौड़ी पर इकट्ठा हुए। मान्यता है कि बुद्ध पूर्णिमा पर पवित्र स्नान करने और विशेष अनुष्ठान करने से पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

वैशाख महीने की आखिरी पूर्णिमा के दिन भगवान राम की नगरी अयोध्या में हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में स्नान किया।वैशाख महीने की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं। इसे भगवान गौतम बुद्ध की जयंती के नाम से भी जाना जाता है। गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुम्बिनी में हुआ था और उन्होंने भारत के कुशीनगर में मोक्ष की प्राप्ति की।