Breaking News

जंतर-मंतर विवाद , रुचिका सिंह अभद्र टिप्पणी मामले में शिकायतकर्ता ने वापस ली शिकायत     |   केंद्र सरकार ने गृह सचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल अगस्त 2027 तक बढ़ाया     |   यूपी के शामली में एक लाख का इनामी बदमाश फुरकान मुठभेड़ में ढेर, एक सिपाही भी घायल     |   Instagram पर आपत्तिजनक बाल यौन शोषण सामग्री मामले में NHRC ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तलब किया     |   सदन में समाजवादी पार्टी ने चर्चा नहीं होने दी: योगी आदित्यनाथ     |  

कॉमनवेल्थ गेम्स रजत पदक विजेता राजा मुथुपांडी की तमिलनाडु सरकार से अपील, हर जिले में बने वेटलिफ्टिंग प्रशिक्षण केंद्र

ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतने वाले भारतीय वेटलिफ्टर राजा मुथुपांडी ने तमिलनाडु सरकार से राज्य के सभी जिलों में वेटलिफ्टिंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की अपील की है। उनका कहना है कि बेहतर खेल ढांचा तैयार होने से नई प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

राजा मुथुपांडी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और तमिलनाडु के लोगों को दिया। उन्होंने कहा, "मैं यह रजत पदक अपने माता-पिता और तमिलनाडु की जनता को समर्पित करता हूं। मेरे वर्ग में मलेशिया के खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीता।" उन्होंने बताया कि केंद्रीय खेल मंत्री ने नई दिल्ली में भारतीय पदक विजेताओं के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया और उनके रजत पदक के लिए 20 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भी पदक जीतने के अगले ही दिन 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की, जिसके लिए उन्होंने उनका आभार व्यक्त किया।

राजा ने कहा, "मैं तमिलनाडु सरकार से अनुरोध करता हूं कि राज्य के हर जिले में वेटलिफ्टिंग प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएं, ताकि युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलें और इस खेल को नई मजबूती मिले।" 26 वर्षीय राजा मुथुपांडी ने प्रतियोगिता में कुल 286 किलोग्राम वजन उठाया। इसमें 126 किलोग्राम स्नैच और 160 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल था, जिसके दम पर उन्होंने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक मलेशिया के अज़निल बिन बिदिन मुहम्मद ने 299 किलोग्राम के कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक रहा।

राजा मुथुपांडी के लिए यह पदक किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। वर्ष 2019 में गंभीर कोहनी की लिगामेंट चोट के कारण उनका करियर लगभग समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया था। इसके बाद कोविड-19 महामारी और उनके पसंदीदा भार वर्ग के शामिल न होने के कारण वह बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके।

हालांकि, 65 किलोग्राम भार वर्ग के शामिल होने के बाद उन्होंने दमदार वापसी की। वर्ष 2025 विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 299 किलोग्राम वजन उठाकर नौवां स्थान हासिल किया और फिर ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर अपनी मेहनत का फल पाया। ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक अपने नाम किए।

भारोत्तोलन में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 पदक जीते, जिनमें 1 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य शामिल हैं। ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चनंबम ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया।