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'सरकारी नीतियों से बच्चों में फैलता है जातिवाद': स्वामी शिवम महंत

29 मार्च को जयपुर में ‘संत संसद 2026’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन भक्ति भाव के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नेटवर्क10 न्यूज चैनल द्वारा किया गया, जिसमें देशभर से अनेक साधु-संतों, महामंडलेश्वरों और धार्मिक हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था— “अब नहीं होगा जात-पात, बात होगी सिर्फ राष्ट्रवाद”। इस विषय पर सभी संतों ने अपने विचार रखते हुए समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया।

इस अवसर पर स्वामी शिवम महंत भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे सोच रहे थे कि संतों की ही संसद क्यों आयोजित की गई, किसी अन्य वर्ग की क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि संत समाज को दिशा-निर्देश देते हैं और संत ही ऐसे होते हैं जिनके मार्गदर्शन में समाज चलता है।

उन्होंने आयोजकों को साधुवाद देते हुए कहा कि उन्होंने संतों को एक मंच दिया और अपने चैनल नेटवर्क 10 के माध्यम से उनकी बातों को लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा राष्ट्रवाद था और इस पर चर्चा हुई कि कैसे समाज जातिवाद से हटकर राष्ट्रवाद की ओर बढ़ सकता है। इस विषय पर कई महापुरुषों ने अपने विचार रखे।

स्वामी शिवम महंत ने कहा कि समाज में कुछ कमियां सरकार की नीतियों के कारण भी हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आरक्षण की वजह से कई बार स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को यह महसूस होता है कि उनकी जाति या धर्म के कारण वे पीछे रह गए या आगे बढ़ गए। इसी भावना से जातिवाद का भेद पैदा होता है, जो आपसी संबंधों को खराब करता है। उन्होंने कहा कि इन सभी बातों को खत्म करना जरूरी है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, तभी समाज जातिवाद से ऊपर उठकर एकजुट हो पाएगा।