Breaking News

पीएम नरेंद्र मोदी कल सूरत और दमन में कई जनकल्याण कार्यक्रमों में होंगे शामिल     |   पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतबृत बनर्जी के निष्कासन को अवैध बताया     |   इंडिया ब्लॉक की 8 जून को होने वाली बैठक में DMK ने शामिल नहीं होने का ऐलान किया     |   कर्नाटक: ‘बेंगलुरु विकास मंत्रालय ही चाहिए’, मंत्री रामलिंगा की CM डीके से डिमांड     |   पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कालीघाट मंदिर में मां काली के दर्शन किए     |  

CM सैनी ने 'म्हारी सड़क ऐप' की शिकायतों पर लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  ‘म्हारी सड़क ऐप‘ पर आई शिकायतों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जो भी कार्य दिया जाता है या लोगों की कोई शिकायत आती है तो उसका समाधान धरातल पर शत प्रतिशत दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी आम जनता द्वारा ऐप पर भेजी गई सड़कों की शिकायतों के पूर्ण समाधान के बाद ही शिकायत को बंद करें, अगर किसी शिकायत को संबंधित अधिकारी ने बिना समाधान के बंद किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रदेश की सड़कों पर सफेद पट्टी व साइन बोर्ड लगवाने भी सुनिश्चित किए जाए। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि म्हारी सड़क एप पर शिकायत आते ही उसको तय समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि जनता को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि म्हारी सड़क ऐप की जानकारी देने के लिए लोगों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाए, ताकि सड़क से संबंधित समस्या को लेकर वें ऐप का उपयोग कर सकें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडकों के गड्ढों को ठीक प्रकार से भरा जाए और कहा कि इसको लेकर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि छोटी व बड़ी शिकायतों का अलग-अलग वर्गीकरण कर तय समय सीमा में निस्तारण करना भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ऐप पर जो नागरिक गड्ढों की फोटो डालकर जानकारी देता है उससे बात करना भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री नें ऐप के संबंध में फील्ड में कार्यरत अधिकारियों को प्रशिक्षण भी देने के निर्देश दिए है ताकि उन्हें ऐप के संचालन की सही जानकारी मिल सके। इसके अलावा, जिस विभाग की सड़कों की मैपिंग अभी तक पूरी नहीं हुई है उसको भी जल्द करने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए है। इससे भविष्य में उस सड़क पर कार्य करना आसान होगा।