केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मंगलवार को पथानामथिट्टा जिले के कोझेनचेरी में लगातार हो रही बारिश के कारण बने बाढ़ के हालात को लेकर समीक्षा बैठक की। लगातार बारिश से जिले के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान राहत कार्यों की समीक्षा करने के साथ आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री सतीशन ने रन्नी, अरनमुला और तिरुवल्ला समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविरों का निरीक्षण किया, वहां उपलब्ध जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की और बाढ़ के कारण विस्थापित हुए परिवारों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने जारी राहत और आपदा प्रबंधन कार्यों की भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि जिले में फिलहाल 133 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां बाढ़ से प्रभावित 6,400 से अधिक लोगों ने शरण ली है। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकांश राहत शिविर तिरुवल्ला क्षेत्र में बनाए गए हैं, जहां अभी भी बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतरा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए जिला प्रशासन को पूरी जिम्मेदारी और आवश्यक खर्च करने का अधिकार दिया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को साफ भोजन, पीने का पानी, स्वच्छता सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं। शिविरों में बायो-टॉयलेट की व्यवस्था भी की जा रही है। वहीं, सभी राहत शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल की तैनाती की गई है।
मुख्यमंत्री सतीशन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बाढ़ के पानी से प्रभावित प्रत्येक परिवार को तत्काल राहत के तौर पर 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि परिवार आपदा के बाद की शुरुआती जरूरतों को पूरा कर सकें।
पथानामथिट्टा में बार-बार आने वाली बाढ़ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 और 2019 की विनाशकारी बाढ़ के बाद दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण और बचाव उपायों को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि नदियों में गाद जमा होने के कारण उनकी जलधारण क्षमता काफी कम हो गई है, जिससे बाढ़ की समस्या बार-बार सामने आ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नदियों में जमा गाद को हटाने और जल प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए तत्काल कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कम समय में बेहद भारी बारिश होने और वन क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए मिलने वाला समय भी कम हो गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केरल में देश की सबसे उन्नत आपदा-रोधी व्यवस्थाओं में से एक विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। इसमें पथानामथिट्टा जिले को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संवेदनशील इलाकों में NDRF की टीमें तैनात करने समेत व्यापक तैयारियां की हैं। इसके अलावा बचाव और राहत अभियानों के लिए दो हेलीकॉप्टरों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा, "मेरे दौरे का उद्देश्य जमीनी स्तर पर राहत उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना था कि प्रभावित समुदायों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें।"