छत्तीसगढ़ पुलिस और सीआरपीएफ ने शुक्रवार को कहा कि बीजापुर मुठभेड़ में 12 नक्सलियों के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने नक्सली ठिकाने से बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए और उन्हें बनाने वाली फैक्ट्री को भी खत्म कर दिया। गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए 12 नक्सली बस्तर क्षेत्र में माओवादी संगठन की सबसे मजबूत इकाई से थे। मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। लेकिन शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि वे माओवादियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन नंबर 1 के थे।
सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी राकेश अग्रवाल ने कहा, "ये ऑपरेशन डीआरजी बीजापुर, डीआरजी सुकमा, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसडीएफ और सीआरपीएफ के कोबरा सहित जिला पुलिस के संयुक्त रूप से चलाया गया था। मुठभेड़ के दौरान 12 नक्सली मारे गए और बहुत सारे हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। हमने उनके ठिकानों और हथियार बनाने वाली फैक्ट्री को भी नष्ट कर दिया है। ये नक्सलियों के लिए बहुत बड़ा झटका है।"
वहीं बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने कहा, "16 जनवरी को बीजापुर जिले में डीआरजी, एसडीएफ और सीआरपीएफ के कोबरा ने माओवादियों के बारे में सूचना मिलने पर एक संयुक्त अभियान चलाया। मुठभेड़ सुबह नौ बजे शुरू हुई और खत्म होने के बाद हमें पता चला कि 12 नक्सली मारे गए, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं। हमने बहुत सारे हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए हैं।"
छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक अलग-अलग मुठभेड़ों में 26 नक्सली मारे गए हैं। 12 जनवरी को बीजापुर में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में दो महिलाओं समेत पांच नक्सली मारे गये थे।