भारत के सबसे पुराने अर्धसैनिक बलों में से एक और ‘पूर्वोत्तर के प्रहरी’ के रूप में विख्यात असम राइफल ने सोमवार को शिलांग स्थित मुख्यालय में 190 वां स्थापना दिवस मनाया। महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा समेत बल के सभी रैंक के जवानों ने शिलांग में युद्ध स्मारक पर उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने पूर्व में देश की सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।
अधिकारी ने कहा कि लखेरा ने पूर्वोत्तर और कश्मीर में उग्रवाद के खिलाफ लड़ने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मियों की सराहना की। इस अवसर पर वर्ष 2023-24 के लिए प्रतिष्ठित डीजीएआर बैनर भी प्रदान किया गया, जिसमें ‘4 असम राइफल्स’ विजेता रहा जबकि ‘3 असम राइफल्स’ उपविजेता और ‘36 असम राइफल्स’ ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। ये पुरस्कार क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने में विभिन्न बटालियनों और इकाइयों द्वारा किए गए समर्पण और उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हैं।
असम राइफल ने शिलांग मुख्यालय में मनाया 190 वां स्थापना दिवस
You may also like
Sant Sansad 2026: 'जब जब देश पर संकट आया संतों ने आगे आकर दुश्मन को करारा जवाब दिया' — ईश्वर दास जी महाराज.
राहुल गांधी ने की पीएम मोदी की आलोचना, कहा- युवा डिप्रेशन में डूब रहे, प्रधानमंत्री मेलोडी खाने में व्यस्त हैं.
Sant Sansad 2026: 'हमारे देश का संगत और पंगत का सिद्धांत ही राष्ट्रवाद का प्रतीक है' — स्वामी वीर सिंह हितकारी.
Stock Market: अंतिम घंटे की खरीदारी से संभला बाजार, सेंसेक्स 117 अंक चढ़ा.