सुचिका तारियाल ने रविवार को महिला पारंपरिक मिश्रित मार्शल आर्ट (एमएमए) के 60 किलोग्राम वर्ग में मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और इस तरह से आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का पहला पदक पक्का किया। ये 36 वर्षीय खिलाड़ी अब सोमवार को सेमीफाइनल में उतरेगी।
इस प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में पहुंचने पर पदक पक्का हो जाता है क्योंकि अंतिम चार में हारने वाली दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है।
सुचिका बेहद अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने जूडो, कुराश, जिउ-जित्सु और अब एमएमए सहित कई खेलोंं में अपना करियर बनाया है। एमएमए को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। सुचिका के शानदार करियर में ये नयी उपलब्धि है।
वे 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो और 2023 एशियाई खेलों में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वे 2024 में जिउ-जित्सु में विश्व चैंपियन भी रह चुकी हैं। घुटने की चोट और कुछ अन्य कारणों से कुछ समय तक खेलों से बाहर रहने के बाद उन्होंने एमएमए में हाथ आजमाए और सफलता हासिल करने में सफल रही। सुचिका ने यूरेशिया क्षेत्र में 92वें स्थान पर काबिज बैगलमा के खिलाफ मुकाबले पर पूरा नियंत्रण रखते हुए 2-0 से जीत हासिल करते हुुए अंतिम चार में जगह पक्की की।
Asian Games: पारंपरिक मिश्रित मार्शल आर्ट की खिलाड़ी Suchika Tariyal ने पहला पदक किया पक्का
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