Breaking News

जयपुर में फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की निर्माणाधीन छत गिरी, 10 घायल     |   पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बहाल, दो लेन से शुरू हुआ यातायात     |   वेनेजुएला में भूकंप से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़ा, 3535 पहुंची तादाद     |   रूस-यूक्रेन युद्धः कीव पर मिसाइल हमले में मारे गए 21 लोग, यूक्रेनी अधिकारियों ने की पुष्टि     |   एस जयशंकर ने बहरीन के किंग से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई बात     |  

CM योगी से माफी मांगे फिर अयोध्या में होगी एंट्री- जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने अविमुक्तेश्वरानंद को दी चेतावनी

अयोध्या पस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और अपने कथित अपमानजनक बयान वापस नहीं लेते, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। 

अयोध्या में जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को औरंगज़ेब और हुमायूं का बेटा कहना अत्यंत निंदनीय है। यह एक संत को शोभा नहीं देता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल उत्तर प्रदेश के निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं, बल्कि सनातन संस्कृति और हिंदुत्व के बड़े प्रतीक भी हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना किसी भी संत या धर्माचार्य को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा दिए गए बयान न केवल व्यक्तिगत हैं, बल्कि इससे संत समाज और हिंदू समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं।

परमहंस आचार्य ने कहा, “जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद योगी आदित्यनाथ से माफी नहीं मांगते और अपने शब्द वापस नहीं लेते, तब तक अयोध्या की पवित्र धरती पर उनका प्रवेश स्वीकार्य नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि सनातन आस्था का केंद्र है और यहां मर्यादा का पालन अनिवार्य है। इस बयान के बाद संत समाज और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कुछ संतों ने परमहंस आचार्य के रुख का समर्थन किया है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि आपसी मतभेदों को संवाद के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। हालांकि परमहंस आचार्य अपने रुख पर अडिग नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यदि जरूरत पड़ी तो संत समाज की एक बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल अयोध्या में इस बयान को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और सभी की नजरें अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।