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गैस संकट की आशंका के बीच जम्मू की ‘राम रसोई’ बनी एकता और सहयोग की मिसाल

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है, जहां देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की कथित कमी को लेकर चिंता बढ़ रही है। इसी अनिश्चितता के बीच जम्मू से एकता और सामुदायिक सहयोग का मजबूत उदाहरण सामने आया है। जम्मू के सैनिक कॉलोनी क्षेत्र में श्री राम लीला क्लब ने “राम रसोई” नाम से एक अनोखी पहल शुरू की है। इस सामुदायिक रसोई का उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है, जिन्हें गैस की कमी के कारण भोजन बनाने में दिक्कत हो सकती है। इसके तहत पारंपरिक चूल्हे और जलावन की व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे।

यह पहल सिर्फ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एकता और आत्मनिर्भरता का संदेश भी देती है। इलाके की महिलाएं मिलकर पारंपरिक चूल्हों पर खाना बना रही हैं, जो सामूहिक शक्ति और सहयोग का प्रतीक है। इसके साथ ही भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है, जो आशा और एकजुटता का संदेश देता है कि भारत हर चुनौती का सामना मिलकर करता है और उससे पार पाता है। ऐसे समय में, जब अनिश्चितता का माहौल है, जम्मू की “राम रसोई” इस बात का जीवंत उदाहरण बन गई है कि कैसे समुदाय एकजुट होकर एक-दूसरे का सहारा बन सकते हैं और संकट को अवसर में बदल सकते हैं।

इससे पहले, 13 मार्च को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की थी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक अस्थायी चूल्हा बनाकर चाय तैयार की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, साथ ही गैस की कमी से हो रही परेशानियों को उजागर किया।

प्रदर्शनकारियों का दावा था कि देशभर में कई परिवार एलपीजी सिलेंडर पाने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और उन्हें पारंपरिक तरीकों से खाना बनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका-इस्राइल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया की स्थिति “चिंताजनक” है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा आम लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने लोकसभा में कहा, “यह क्षेत्र हमारे वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। खासतौर पर कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है।”