असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई है। कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) के शनिवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ में 58 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चों की मौत हुई है। बच्चों में 12 लड़के और 6 लड़कियां शामिल हैं। सबसे ज्यादा मौतें कछार जिले में 22 हुई हैं। इसके बाद शिवसागर में 10, करीमगंज में 9 और गोलाघाट में 7 लोगों की जान गई है। इसके अलावा धेमाजी, नगांव, उदलगुड़ी, सोनितपुर और कार्बी आंगलोंग समेत कई अन्य जिले भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को दरांग जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राहत कार्यों और क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत के काम की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मंगलदोई विधानसभा क्षेत्र के बेंगबारा और नाहरबारी का दौरा किया। यहां उन्होंने नोआ और कुलसी नदियों के टूटे हुए तटबंधों का निरीक्षण किया। बेंगबारा में सीएम ने नोआ नदी के टूटे तटबंध की मरम्मत का जायजा लिया। कुछ दिन पहले तटबंध टूटने के कारण आसपास के कई गांवों में पानी भर गया था।
मुख्यमंत्री ने बेंगबारा गांव के निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्र और आउटाला हाई स्कूल में बनाए गए राहत शिविरों का भी दौरा किया। उन्होंने यहां रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। सीएम सरमा ने लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद उन्होंने नाहरबारी में कुलसी नदी के टूटे तटबंध का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि तटबंध टूटने के कारण इलाके के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। सरकार अब टूटे हुए तटबंधों को पहले से ज्यादा मजबूत तरीके से दोबारा बनाने के लिए विशेष कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार जल्द से जल्द जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दौरे के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और दरांग के प्रभारी मंत्री अशोक सिंघल, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री और स्थानीय विधायक नीलिमा देवी, विधायक परमानंद राजबोंगशी, जिला आयुक्त और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।