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PLI योजना के तहत 806 आवेदनों को मंजूरी, 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित

सरकार ने कहा कि अब तक 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के तहत 806 आवेदनों को मंजूरी दी गई है। भारत की विनिर्माण क्षमताओं और निर्यात को बढ़ाने के लिए दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कपड़ा और ऑटो सहित 14 प्रमुख क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ योजनाओं की घोषणा 2021 में की गई थी। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अब तक 14 क्षेत्रों में पीएलआई योजनाओं के तहत 806 आवेदनों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 तक 14 क्षेत्रों में 1.76 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश प्राप्त हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप 16.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन/बिक्री हुई है और 12 लाख से अधिक (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों का) रोजगार सृजन हुआ।

प्रसाद ने बताया कि फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में 2.66 लाख करोड़ रुपये की कुल बिक्री हुई है, जिसमें योजना के पहले तीन वर्षों में प्राप्त 1.70 लाख करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। योजना ने भारत को 2021-22 में शुद्ध आयातक (1,930 करोड़ रुपये) से थोक दवाओं का शुद्ध निर्यातक (2,280 करोड़ रुपये) बनने में योगदान दिया है। मोबाइल खंड में, मूल्य के संदर्भ में उत्पादन 2020-21 में 2,13,773 करोड़ रुपये से लगभग 146 प्रतिशत बढ़कर 2024-25 में 5,25,000 करोड़ रुपये हो गया है।

उन्होंने बताया, ‘‘मूल्य के संदर्भ में मोबाइल फोन का निर्यात 2020-21 में 22,870 करोड़ रुपये से लगभग 775 प्रतिशत बढ़कर 2024-25 में 2,00,000 करोड़ रुपये हो गया है।’’ मंत्री ने बताया कि 24 जून तक पीएलआई योजना के तहत 12 क्षेत्रों के लिए 21,534 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी हार्डवेयर, थोक दवाएं, चिकित्सा उपकरण और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं।