झारखंड के पलामू जिले में आबकारी विभाग की कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के फिजिकल के समय कुछ अभ्यर्थियों की मृत्यु हो गई. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. वहीं, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया कि शारीरिक परीक्षण के दौरान 10 अभ्यर्थियों की मौत हुई है. पार्टी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा उच्च प्रबंधन न किए जाने पर छात्रों की जान गई है.
झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से सरकार अभ्यर्थियों को फिजिकल करा रही है, ऐसा नहीं होता है. अभ्यर्थियों को 3 महीने पहले सूचित किया जाना चाहिए कि उन्हें कब दौड़ना है ताकि वे प्रैक्टिस कर सकें. जब एडमिट कार्ड मिले तो मैंने देखा कि कि अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर उन्हें दौड़ लगानी पड़ी. कल मैंने कुछ बच्चों से बात की उन्होंने कहा कि एक सेंटर में 6000 बच्चों को दौड़ाया जाता है और खड़ा भी किया जाता है. रात 12 बजे से लाइन लगती है और उनका नंबर 12 बजे तक आता है, इसलिए उन्हें नींद नहीं आती. हेमंत सोरेन बच्चों को नौकरी नहीं मौत दे रहे हैं.